पंजाबराज्य

पंजाब में एनर्जी ड्रिंक पर सरकार की सख्ती… स्कूल-कॉलेज कैंटीन और 500 मीटर के दायरे में बैन की तैयारी

चण्डीगढ़

पंजाब के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने गुरुवार को घोषणा की कि जल्द ही स्कूलों और कॉलेजों की कैंटीन में एनर्जी ड्रिंक्स पर प्रतिबंध लगाया जाएगा. इस प्रतिबंध के तहत शैक्षिक संस्थानों के 500 मीटर के दायरे में एनर्जी ड्रिंक्स की बिक्री पर भी रोक लगेगी. यह निर्णय स्वस्थ आहार की आदतों को बढ़ावा देने और युवाओं में लाइफस्टाइल सुधार के उद्देश्य से लिया गया है.

'ईट राइट' मेला के उद्घाटन के दौरान मंत्री ने राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा के साथ मिलकर स्कूलों और कॉलेजों के कैंटीन में एनर्जी ड्रिंक्स के नकारात्मक प्रभावों पर जोर दिया. इस प्रतिबंध को लागू करने के लिए स्वास्थ्य टीमों द्वारा कैंटीनों की नियमित जांच की जाएगी, और स्कूलों/कॉलेजों के पास स्थित दुकानदारों से आग्रह किया गया है कि वे इस तरह के ड्रिंक्स के विज्ञापन न दिखाएं. इसके बजाय, उन्हें लस्सी, नींबू पानी, ताजे जूस और बाजरे से बने उत्पादों जैसे स्वस्थ विकल्प प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.

इस दौरान डॉ. सिंह ने मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने और समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए मिलेट्स और जैविक खाद्य पदार्थों के सेवन के महत्व को भी बताया. उन्होंने कहा कि मोटे अनाजों, जैसे बाजरा, कंगनी, कोदरा, ज्वार, सांवन और रागी, के सेवन की उपेक्षा करना चिंता का विषय है, क्योंकि इनका सेवन अच्छे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है. उन्होंने यह भी बताया कि इन अनाजों की खेती न केवल पानी की बचत करती है, बल्कि यह एक स्वस्थ आहार में योगदान करती है. उन्होंने पोषक तत्वों से भरपूर इन अनाजों के लाभों के बारे में जागरूकता फैलाने और उनके उत्पादन के लिए एक अनुकूल वातावरण बनाने की आवश्यकता पर बल दिया. इसके अलावा उन्होंने आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं से नशे से जुड़ी समस्याओं से निपटने में मदद करने का आह्वान किया.

सांसद संजीव अरोड़ा ने ईट राइट मेला के पीछे के प्रयासों की सराहना की, यह कहते हुए कि यह जागरूकता अभियान सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा. कैबिनेट मंत्री और सांसद ने भी इस आयोजन में जैविक उत्पादों के विभिन्न स्टॉलों का दौरा किया.

कुछ बच्चे ऑनलाइन फ़ार्मेसी से भी एनर्जी ड्रिंक मंगवा लेते हैं। इस पर रोक लगाने के लिए पंजाब सरकार केंद्र सरकार को पत्र लिखने जा रही है। ताकि राज्य को नशा मुक्त बनाया जा सके। यह जानकारी पंजाब के सेहतमंत्री बलबीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि पंजाब को नशा मुक्ति में लगे डॉक्टरों, नर्सों और अन्य माहिरों को अब एम्स से ट्रेनिंग दिलाई जाएगी। इसके लिए उनका एम्स से एमओयू हो गया है।

नशा मुक्ति केंद्रों में खुद बच्चों ने बताया

सेहत मंत्री बलबीर सिंह ने बताया कि उन्होंने पंजाब के कई नशा मुक्ति केंद्रों का दौरा किया। इस दौरान जब उन्होंने बच्चों से बातचीत की, तो पता चला कि बहुत से बच्चों ने स्कूल में ही नशे की शुरुआत की थी। वे बीड़ी, सिगरेट और ई-सिगरेट का उपयोग करने लगे थे। इनमें से कई बच्चों ने शुरुआत एनर्जी ड्रिंक से की थी, जिससे उन्हें धीरे-धीरे लत लग गई।

मंत्री ने माता-पिता से अपील की है कि वे घर में एनर्जी ड्रिंक का इस्तेमाल न करें और इसके बजाय बच्चों को नींबू पानी, ताजे फल और लस्सी जैसी प्राकृतिक और स्वास्थ्यवर्धक चीजें दें। एनर्जी ड्रिंक से बच्चों की हृदय गति बढ़ती है। शुरुआत में यह उन्हें अच्छा लगता है, लेकिन यह मस्तिष्क और हृदय को नुकसान पहुंचाता है और वजन बढ़ाने का कारण बनता है। इस विषय को स्कूलों के जागरूकता कार्यक्रमों में भी शामिल किया जा रहा है। इस तरह ई सिगरेट और अन्य चीजों के बारे के हानिकारक प्रभावों बारे में उन्होंने बताया।

बच्चों ने खुद बताया— कैसे शुरू हुई नशे की लत
स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने बताया कि उन्होंने पंजाब के कई नशा मुक्ति केंद्रों का दौरा किया। इस दौरान जब उन्होंने बच्चों से बातचीत की, तो पता चला कि कई बच्चे स्कूल में ही नशे की लत का शिकार हो गए थे। उन्होंने शुरुआत में बीड़ी, सिगरेट और ई-सिगरेट का सेवन करना शुरू किया। इनमें से कई बच्चों ने एनर्जी ड्रिंक्स से इसकी शुरुआत की, जिससे धीरे-धीरे उनकी निर्भरता बढ़ती गई।

अप्रैल से सरकार लॉन्च करेगी नई मुहिम

पंजाब सरकार की नशे के खिलाफ जारी मुहिम के तहत अब तक 1 हजार 955 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। नशा करने वालों का इलाज किया जा रहा है, और अब तक 3 हजार 293 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने 116 किलो हेरोइन और 31 किलो गांजा बरामद किया है। अब तक 44 गैंगस्टरों को घायल किया गया, और 42 लोगों की संपत्तियां जब्त कर गिराई गई हैं।

ड्रोन टेक्नोलॉजी की मदद से तरनतारन में नशे की तस्करी पर निगरानी शुरू की गई है। इसके अलावा, पूरे पंजाब में सेहत कमेटियां बनाई जा रही हैं, जिनमें 15 सदस्य होंगे। ये कमेटियां अपने गांव के लोगों की सेहत का ख्याल रखेंगी और नशा करने वालों को अस्पतालों में भर्ती कराने में मदद करेंगी

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button