देश

वक्फ बिल को संसद की मंजूरी मिलते ही पश्चिम बंगाल, गुजरात समेत कई राज्यों के मुसलमान भड़क उठे

नई दिल्ली
वक्फ बिल को संसद की मंजूरी मिलते ही पश्चिम बंगाल, गुजरात समेत कई राज्यों के मुसलमान भड़क उठे। उन्होंने सड़क पर उतरकर जमकर विरोध जताया। जुम्मे की नमाज के बाद कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद जैसे शहरों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने वक्फ बिल के खिलाफ नारेबाजी की और सरकार से इसे वापस लेने की अपील की। बंगाल की राजधानी में कई लोगों ने हाथों में बैनर ले रखे थे, जिसमें 'हम वक्फ बिल को खारिज करते हैं' जैसे नारे लिखे गए थे। वक्फ संशोधन विधेयक 2025 बुधवार को लोकसभा और फिर गुरुवार को राज्यसभा में पेश किया गया, जहां लंबी बहस के बाद इसे पारित कर दिया गया।

गुजरात के अहमदाबाद से सामने आए विजुअल्स में मुस्लिम संगठन वक्फ बिल के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए दिखाई दिए। लोगों ने ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ और ‘काला कानून वापस लो’ जैसे नारे भी लगाए। प्रदर्शन कर रहे शोएब रजा नामक युवक ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, ''यह सरकार मंदिरों की जमीन चोरी करती है। राम मंदिर की जमीन को चोरी किया और अब मस्जिदों की जमीन चोरी करने की फिराक में हैं।'' इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कई लोगों को हिरासत में भी लिया।

उधर, चेन्नई में भी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। यहां एक्टर विजय की तमिलगा वेत्री कझगम ने भी राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की। चेन्नई और कोयंबटूर और तिरुचिरापल्ली जैसे शहरों में टीवीके कार्यकर्ताओं ने इकट्ठे होते हुए 'वक्फ विधेयक को खारिज करो' और 'मुसलमानों के अधिकार मत छीनो' जैसे नारे लगाए। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में भी शुक्रवार को मुस्लिम संगठन के लोगों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उनके हाथों में भी वक्फ बिल के खिलाफ लिखे नारे वाली बैनर और पोस्टर थे।

बिल के खिलाफ कोर्ट पहुंचे कांग्रेस सांसद
कांग्रेस ने वक्फ बिल को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया है। कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने याचिका दायर करते हुए वक्फ बिल को मुस्लिम समुदाय के प्रति भेदभावपूर्ण वाला बताया है। बीजेपी ने कांग्रेस समेत विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष चाहे तो संसद में पारित वक्फ (संशोधन) विधेयक को अदालत में चुनौती दे सकता है, लेकिन उन्हें इस मुद्दे पर अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों को भड़काने और तुष्टीकरण की तुच्छ राजनीति करने से बचना चाहिए। वरिष्ठ बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, "कांग्रेस के कुछ कानूनी विशेषज्ञ बार-बार कह रहे हैं कि यह (विधेयक) असंवैधानिक है और वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्हें अदालत जाने दें। उन्हें कोई नहीं रोक रहा है।"

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button