
नई दिल्ली
पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने विस्फोटक दावा करते हुए कहा है कि कोई है जो रोहित शर्मा को पसंद नहीं करता। वह नहीं चाहता कि हिटमैन वनडे टीम का हिस्सा हों। उन्हें टीम से बाहर करने के लिए ही भारतीय क्रिकेट में नए ब्रोन्को टेस्ट को लाया गया है। आम तौर पर रग्बी खिलाड़ियों को इस टेस्ट से गुजरना पड़ता है लेकिन टीम इंडिया के स्ट्रेंथ ऐंड कंडिशनिंग कोच एड्रिय ले रॉक्स की देखरेख में इसे भारतीय टीम के लिए एक अतिरिक्त लेयर के तौर पर लाया गया है। अब टीम में शामिल होने के लिए खिलाड़ियों को यो-यो टेस्ट, 2 किलोमीटर की दौड़ और ब्रोन्को टेस्ट तीनों को क्लियर करना पड़ेगा।
क्रिकट्रैकर से बातचीत में तिवारी ने दावा किया कि ब्रोन्को टेस्ट लाने की टाइमिंग और इस फिटनेस टेस्ट के पीछे की मंशा से कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। खासकर तब जब भारतीय टीम 2027 वर्ल्ड कप से पहले संक्रमण के दौर से गुजर रही है। मनोज तिवारी ने कहा, ‘मुझे लगता है कि विराट कोहली को 2027 वर्ल्ड कप की योजना से बाहर रखना बहुत मुश्किल होगा। लेकिन मुझे संदेह है कि वे रोहित शर्मा को लेकर कुछ सोच रहे हैं।’
तिवारी ने कहा कहा, 'देखिए, भारतीय क्रिकेट में क्या कुछ हो रहा है, उसे मैं बहुत ही बारीकी से देखता हूं। और मुझे विश्वास है कि यह ब्रोन्को टेस्ट जिसे कुछ दिन पहले ही इंट्रोड्यूस किया गया है, मुझे लगता है कि यह रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों के लिए है। मुझे लगता है कि कोई है जो नहीं चाहता कि वह भविष्य में टीम का हिस्सा रहे। और इसीलिए इसे इंट्रोड्यूस किया गया है।'
बोन्को टेस्ट की टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, 'सवाल है कि अभी क्यों? तब क्यों नहीं जब नए हेड कोच आए और पहली सीरीज की जिम्मेदारी संभाले? ये किसका आइडिया है? किसने इंट्रोड्यूस किया? किसने कुछ दिन पहले इस ब्रोन्को टेस्ट को लागू किया? ये वो सवाल हैं जिसका मुझे उत्तर नहीं मिल रहा लेकिन ऑब्जर्वेशन कहता है कि रोहित शर्मा के लिए मुश्किल होने वाली है क्योंकि वह अपनी फिटनेस को लेकर बहुत ज्यादा मेहनत नहीं करते। और मुझे लगता है कि ब्रोन्को टेस्ट के जरिए उन्हें रोक दिया जाएगा।'