झारखंड/बिहारराज्य

19 लाख मीट्रिक टन राशन बांटेगी झारखंड सरकार

रांची

झारखंड सरकार राज्य के 3.9 करोड़ से अधिक गरीब लोगों की खाद्य सुरक्षा को संरक्षित करेगी। खाद्य सुरक्षा का काम राशन कार्ड लक्षित सदस्यों को अनुदानित दर पर खाद्यान्न वितरण से किया जाएगा। नए वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार ने 19.47 लाख मीट्रिक टन खरीदने का लक्ष्य तय किया है। 3.9 करोड़ से अधिक गरीब लाभार्थी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना यानी एनएफएसए (पात्र गृहस्थ योजना, अंत्योदय अन्न योजना), झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (जेएसएफएसएस), नमक-दाल वितरण योजना आदि के तहत आच्छादित हैं। 2.72 करोड़ धोती-लुंगी और साड़ी खरीदने का भी निर्णय लिया है। खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने इस वर्ष व्यापक योजना बनाकर काम करने का फैसला किया है। खाद्य सुरक्षा योजना के पात्र परिवारों के लिए 1.36 लाख मीट्रिक टन नमक और दाल वितरित करने की योजना है।

इस योजना के तहत लाभुकों को पांच किग्रा खाद्यान्न प्रति सदस्य प्रतिमाह दिया जाता है। इसमें कुल 2.3 करोड़ लाभार्थियों के बीच 13.8 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न बांटने की योजना है। अंत्योदय अन्न योजना में लाभुक परिवार को 35 किग्रा खाद्यान्न प्रति परिवार प्रतिमाह दिया जाता है। इसमें 9.18 लाख परिवारों के बीच 3.85 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न बांटा जाएगा। झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना में एनएफएसए से अनाच्छादित लाभुकों को शामिल करते हुए प्रतिमाह पांच किग्रा खाद्यान्न दिया जाता है। इसमें 25 लाख लाभार्थियों के बीच 1.5 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न बांटा जाएगा।

पीवीटीजी विशिष्ट जनजाति डाकिया योजना अंतर्गत आदिम जनजाति परिवारों को प्रत्येक माह उनके निवास स्थान तक 35 किलोग्राम चावल के पैकेट नि:शुल्क दिए जाते हैं। नए वित्तीय वर्ष में 75,000 परिवारों के बीच 0.32 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न वितरित करने की योजना है।

सोना-सोबरन धोती-साड़ी वितरण योजना के अंतर्गत एनएफएसए से आच्छादित राज्य के सभी योग्य लाभुक परिवारों को एक धोती/लुंगी एवं एक साड़ी प्रति परिवार दिया जाता है। धोती-लुंगी प्रति परिवार 10 रुपये, साड़ी प्रति 10 रुपये की अनुदानित दर पर दी जाती है। योजना में 1.36 परिवारों को शामिल किया जाएगा। नई वित्तीय योजना में कुल 54 लाख लुंगी, 82 लाख धोती और 1.36 करोड़ साड़ी खरीदने का लक्ष्य है।

दाल वितरण योजना में एनएफएसए और जेएसएफएसएस से आच्छादित प्रत्येक लाभुक परिवारों को प्रतिमाह एक किग्रा दाल और एक किग्रा फ्री-फ्लो रिफाइंड आयोडीनयुक्त नमक देने का प्रावधान है। नए वित्तीय वर्ष में कुल 68 लाख परिवारों के लिए 82 लाख मीट्रिक टन दाल और 68 लाख परिवारों के लिए 82 लाख मीट्रिक टन नमक खरीदने का लक्ष्य है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button