पंजाबराज्य

अब सरकार के कर्मचारी भी होंगे GST में पंजीकृत, बदलाव से बढ़ेगा टैक्स कलेक्शन

अमृतसर 
जी.एस.टी. रजिस्ट्रेशन बढ़ाने के लिए के आम जनता अथवा किसी भी प्रकार के कारोबारी को प्रेरित करने को लेकर जी.एस.टी. विभाग ने अजनाला क्षेत्र में एक कैंप का आयोजन किया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों को जी.एस.टी. रजिस्ट्रेशन के संबंधित जानकारी प्रदान की गई। कैंप अजनाला के बी.डी.पी.ओ. कार्यालय में आयोजित किया गया, जिसमें जी.एस.टी. के स्टेट टैक्स ऑफिसर लखबीर सिंह टीम सहित उपस्थित थे। यह आयोजन जॉइंट कमिश्नर जी.एस.टी. पंजाब मैडम राजविंदर कौर और सहायक कमिश्नर जी.एस.टी. अमृतसर-2 रेंज मैडम डॉ. नवरीत सेखों के निर्देश पर किया गया।

जानकारी के मुताबिक अमृतसर का अजनाला क्षेत्र में लगाए गए उक्त कैंप का प्रयोजन यह बताया जाता है कि पंजाब सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों को विकास/निर्माण कार्यों के लिए जो ठेकेदार मैटेरियल सप्लाई करते हैं, उस पर जी.एस.टी. लगता है। वहीं देखने वाली बात है कि क्या वह ठेकेदार उस मटेरियल का जी.एस.टी. अदा करता है या नहीं? और उसका लेनदेन जी.एस.टी. पंजीकरण की श्रेणी में आता है, अथवा नहीं? इसी प्रकार लेबर वर्क पर सर्विस टैक्स लगता है, तो क्या उक्त काम करवाने वालों का स्तर सर्विस टैक्स पंजीकरण के दायरे में आता है अथवा नहीं ? इस संबंध में जी.एस.टी. विभाग को जानकारी मिली है कि कई लोग जी.एस.टी. रजिस्ट्रेशन के बिना भी काम कर रहे हैं।

बताया जाता है कि सरकार द्वारा करवाए जाने वाले पंचायती कार्यों का भुगतान बी.डी.पी.ओ. कार्यालय द्वारा ही किया जाता है, इसलिए वहां पर जी.एस.टी. विभाग के अधिकारियों की टीम ने ठेकेदारों के साथ बैठक की और विचार-विमर्श किया। इस संबंध में स्टेट टैक्स अधिकारी लखबीर सिंह ने बताया कि आने वाले सभी लोगों ने जी.एस.टी. के संबंधित आवश्यक जानकारी ली और पूरा सहयोग देने की बात कही है। जो भी अपने कारोबारी स्तर के मुताबिक जी.एस.टी. की निर्धारित सीमा को पार करते हुए काम कर रहे हैं, उन्हें जी.एस.टी. में पंजीकृत किया जाएगा।

जी.एस.टी. अधिकारी ने बताए पंजीकृत होने के लाभ
अधिकारी लखबीर सिंह ने बताया कि इस पेशे से संबंधित कारोबारियों को जागृत करने और जी.एस.टी. के लाभ बताने के लिए रजिस्ट्रेशन कैंप का आयोजन किया गया है। इस कैंप में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और आवश्यक जानकारियां प्राप्त की। मौके पर जी.एस.टी. अधिकारी ने बताया कि जो भी कारोबार करने वाला जी.एस.टी. श्रेणी में पंजीकृत होता है, उसे सरकार और अन्य सभी विभागों द्वारा हर तरफ से प्राथमिकता दी जाती है। पंजीकृत डीलर को मटेरियल सस्ता और बैंक लोन भी पहल के आधार पर मिलता है। इस दौरान ठेकेदारों अथवा कारोबारियों के साथ पंचायत सचिव, स्टेट टैक्स अधिकारी (ई.टी.ओ.) लखबीर सिंह, इंस्पैक्टर गुरप्रीत मल्ली, दलवीर मसीह, करनवीर सिंह आदि उपस्थित रहे।
 
इस संबंध में जी.एस.टी. विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर पंजाब मैडम राजविंदर कौर ने कहा कि पंजाब सरकार सभी वर्गों के कारोबारियों, खरीददारों व विक्रेताओं को जी.एस.टी. में पंजीकृत करने के लिए प्रयास कर रही है। इसमें जो भी कोई किसी भी प्रकार की सर्विस प्रदान करता है, उसे निर्धारित सीमा से आगे बढ़ते ही रजिस्टर्ड किया जाएगा। इस प्रकार के रजिस्ट्रेशन कैंपों का निरंतर आयोजन किया जाता रहेगा।

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