
नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के दौरे पर हैं। यहां पर पीएम मोदी ने बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस दौरान बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस और पीएम मोदी के बीच मुलाकात भी हुई। इस खास मौके पर मोहम्मद यूनुस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खास उपहार दिया। दरअसल, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने पीएम नरेंद्र मोदी को एक तस्वीर उपहार के तौर पर दी। ये तस्वीर 03 जनवरी 2015 की है। इसी दिन पीएम मोदी ने 102वीं इंडियन साइंस कांग्रेस में प्रोफेसर यूनुस को गोल्ड मेडल दिया था। इस तस्वीर में पीएम मोदी और मोहम्मद यूनुस नजर आ रहे हैं।
मोहम्मद यूनुस के ऑफिस ने शेयर की पोस्ट
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रोफेसर यूनुस के कार्यालय ने एक पोस्ट साझा की है। इस पोस्ट दो फोटो शेयर की गई है। इस पोस्ट में लिखा गया है कि प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस शुक्रवार को बैंकॉक में अपनी द्विपक्षीय बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक तस्वीर पेश कर रहे हैं। यह तस्वीर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 3 जनवरी, 2015 को 102वें भारतीय विज्ञान कांग्रेस में प्रोफेसर यूनुस को स्वर्ण पदक प्रदान करने के बारे में है।
अंतरिम सरकार के गठन के बाद पहली बार मिले दोनों नेता
जानकारी दें कि बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद ये पहला मौका है जब पीएम मोदी और मोहम्मद यूनुस के बीच मुलाकात हुई है। दोनों नेताओं की मुलाकात के दौरान कई मुद्दों पर चर्चा भी हुई। बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर चिंता जाहिर की।
दोनों नेताओं के बीच किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस के बीच किन मुद्दों पर चर्चा की गई, इसकी जानकारी विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने विस्तृत तौर पर दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने लोकतांत्रिक, स्थिर, शांतिपूर्ण, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के लिए भारत के समर्थन को दोहराया। उन्होंने प्रो. यूनुस को बताया कि भारत बांग्लादेश के साथ सकारात्मक और रचनात्मक संबंध बनाने की इच्छा रखता है।
विक्रम मिसरी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी आग्रह किया कि माहौल को खराब करने वाली किसी भी बयानबाजी से बचना चाहिए। सीमा पर कानून का सख्त पालन और अवैध सीमा पार करने की रोकथाम सीमा सुरक्षा और सुरक्षा बनाए रखने के लिए आवश्यक है।