छत्तीसगढ़राज्य

CG के पूर्व CM भूपेश बघेल के घर छापे, महादेव बेटिंग ऐप में ED के बाद CBI की भी हुई एंट्री

रायपुर
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की राजधानी रायपुर और भिलाई में सीबीआई की टीम ने छापेमारी शुरू की है. एजेंसी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आवास पर छापेमारी शुरू की है. महादेव बेटिंग ऐप मामले में बघेल के घर समेत कई जगहों पर छापेमारी जारी है. ईडी के बाद सीबीआई ने भी महादेव बेटिंग ऐप मामले में एंट्री की है. इस मामले में हजारों करोड़ की ठगी की गई थी. सीबीआई के अधिकारी सुबह-सुबह भिलाई और रायपुर स्थित आवास पर पहुंच गए. जानकारी के मुताबिक, सीबीआई की टीम महादेव बेटिंग ऐप मामले में छापेमारी करने पहुंची है. इससे पहले ईडी की टीम ने भी इसी समय छापेमारी की थी.

    अब CBI आई है.

    आगामी 8 और 9 अप्रैल को अहमदाबाद (गुजरात) में होने वाली AICC की बैठक के लिए गठित “ड्राफ़्टिंग कमेटी” की मीटिंग के लिए आज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का दिल्ली जाने का कार्यक्रम है.

मिली जानकारी के अनुसार, CBI की 10 से अधिक टीमें 26 मार्च की तड़के पहुंची है। महादेव सट्टा ऐप मामले में पूर्व सीएम बघेल, भिलाई विधायक देवेंद्र यादव के घर दबिश दी है। साथ ही अभिषेक पल्लव समेत चार IPS और सात पुलिस अफसरों के घर पर रेड पड़ी है।

पूर्व सीएम के कार्यालय ने किया ट्वीट
पूर्व सीएम के कार्यालय ने एक ट्वीट भी जा
री किया है। जिसमें लिखा- अब सीबीआई आई है। अहमदाबाद में होने वाली AICC की बैठक के लिए गठित ड्राफ्टिंग कमेटी की मीटिंग के लिए आज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का दिल्ली जाने का कार्यक्रम है। उससे पूर्व ही CBI रायपुर और भिलाई निवास पहुंच चुकी है। वहीं मामले को लेकर कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा- भाजपा की मोदी सरकार ने कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास पर सीबीआई को भेजा है।   

पूर्व डिप्टी सीएम ने कसा तंज
मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव का ट्वीट किया है। लिखा- बार-बार छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को एजेंसियों द्वारा परेशान करना बेहद निंदनीय है। ये केवल भूपेश की छवि को खराब करने की भाजपा की नाकाम कोशिश है।प्रदेश की भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ राज्य को चलाने में असमर्थ साबित हो रही है। इसीलिए जनता से जुड़े मुद्दों से का ध्यान भटकाने के लिए ऐसे प्रयास कर रही है।

    बार-बार छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी को एजेंसियों द्वारा परेशान करना बेहद निंदनीय है। ये केवल भूपेश जी छवि को खराब करने की भाजपा की नाकाम कोशिश है।

CBI की कार्रवाई लोकतंत्र का हनन – पूर्व डिप्टी सीएम

 पहले ED फिर CBI – जांच एजेंसियों को भाजपा की B team बन कर काम करने से फुर्सत ही नहीं है। अभी हाल में ED द्वारा विपक्ष के नेताओं पर कार्रवाई को रिपोर्ट खुद सरकार को जब दिखानी पड़ी तो निश्चित हो गया कि यह केवल धमकाने और परेशान करने का हथियार बना हुआ है। भाजपा द्वारा राजनीतिक द्वेष की भावना से की जा रही यह कार्रवाई लोकतंत्र का हनन है।

क्या है महादेव बेटिंग ऐप?

महादेव बेटिंग ऐप ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए बनाया ऐप है. इस पर यूजर्स पोकर, कार्ड गेम्स, चांस गेम्स नाम से लाइव गेम खेलते थे. ऐप के जरिए क्रिकेट, बैडमिंटन, टेनिस, फुटबॉल जैसे खेलों और चुनावों में अवैध सट्टेबाजी भी की जाती थी. अवैध सट्टे के नटवर्क के जरिए इस ऐप का जाल तेजी से फैला और सबसे ज्यादा खाते छत्तीसगढ़ में खुले. इस ऐप से धोखाधड़ी के लिए एक पूरा खाका बनाया गया था.

दरअसल, महादेव बेटिंग ऐप कई ब्रांच से चलता था. हर ब्रांच को सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल फ्रेंचाइजी के रूप में बेचते थे. यूजर को सिर्फ शुरुआत में फायदा और बाद में नुकसान होता. फायदे का 80% हिस्सा दोनों अपने पास रखते थे. सट्टेबाजी ऐप रैकेट एक ऐसी मशीन की तरह काम करता है, जिसमें एल्गोरिदम यह तय करता है कि ऐप में अपना पैसा लगाने वाले केवल 30% ग्राहक ही जीतें.

हाल ही में हुई थी ED की रेड

पिछले दिनों ईडी ने भूपेश बघेल के आवास पर भारी मात्रा में कैश पाए जाने का दावा किया था. इसकी गिनती के लिए ईडी अधिकारियों ने दो कैश गिनने वाली मशीनें मंगवाई थी. ईडी ने भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल से जुड़े एक परिसर से कुछ इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और दस्तावेज भी जब्त किए. ये मामला शराब घोटाले से जुड़ा था.

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