झारखंड/बिहारराज्य

झारखंड के राज्यपाल की गरिमामयी उपस्थिति में मनाया गया राजस्थान दिवस एवं ओडिशा दिवस समारोह

रांची

झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार की गरिमामयी उपस्थिति में बीते गुरुवार को राजभवन, रांची में राजस्थान स्थापना दिवस और ओडिशा स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर झारखंड में निवासरत राजस्थान और ओडिशा के कई नागरिक गण उपस्थित थे। राज्यपाल ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य से बाहर रहने के कारण इन तिथियों पर राजभवन में दोनों राज्यों का स्थापना दिवस समारोह नहीं मनाया जा सका। उन्होंने दोनों राज्यों की समृद्ध सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और सामाजिक विरासत पर प्रकाश डाला तथा कहा कि राजस्थान और ओडिशा अपनी विशिष्ट परंपराओं, वीरता, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक समृद्धि के लिए पूरे देश में विख्यात हैं।

राज्यपाल ने राजस्थान की वीर गाथाओं और स्थापत्य कला की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह भूमि मेवाड़, मारवाड़, जयपुर, विश्व में प्रसिद्ध हैं। राज्यपाल ने ओडिशा के गौरवमयी इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि यह राज्य आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक धरोहर का केंद्र है। भगवान जगन्नाथ की पावन भूमि, कोणार्क का सूर्य मंदिर, पुरी का रथयात्रा महोत्सव और ओडिसी नृत्य इस राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक भव्यता को दर्शाते हैं। राज्यपाल ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत' पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन भारत की एकता को और अधिक सशक्त बनाते हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड राज भवन में विभिन्न राज्यों के स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाए जाते हैं। हाल ही में बिहार स्थापना दिवस मनाया गया था।

राज्यपाल ने कहा कि विविधता में एकता भारत की सबसे बड़ी विशेषता है, जो सभी को एक सूत्र में पिरोती है। राज्यपाल ने कहा कि दोनों राज्यों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विकासशील द्दष्टिकोण भारत को और अधिक सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने झारखंड में निवास कर रहे राजस्थान और ओडिशा के नागरिकों को बधाई देते हुए सभी से अपने गौरवशाली अतीत से प्रेरणा लेकर राष्ट्र और कर्मभूमि के विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव डॉ0 नितिन कुलकर्णी ने स्वागत संबोधन करते हुए कहा कि आज दो राज्यों के लोग यहां एक साथ एकत्र हैं और स्थापना दिवस समारोह मना रहे हैं। यह भी‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत'की भावना का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि राजस्थान का भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अहम योगदान रहा है और यहां के लोग सेना में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। वहीं, हमारा पड़ोसी राज्य झारखंड की ही भांति खनिज संपदा से परिपूर्ण है। समारोह में ओडिशा के राज्यपाल का वीडियो संदेश प्रसारित किया गया। वहीं, राजस्थान के माननीय राज्यपाल का संदेश पढ़ा गया।

 

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