
रेवाड़ी
रेवाड़ी के शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव को आज राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। पैतृक गांव भालखी माजरा में उनके पिता ने शहीद बेटे की चिता को मुखाग्नि दी। उनकी मंगेतर भी श्मशान घाट में पहुंची। वह रोते हुए कह रहीं थी कि एक बार मुझे उसका मुंह दिखा दो। मंगेतर सानिया ने कहा कि मुझसे सिद्धार्थ पर गर्व है। बता दें कि फ्लाइट लेफ्टिनेंट 2 अप्रैल को जामनगर में हुए जगुआर क्रैश में शहीद हुए थे। शहीद होने से पहले उन्होंने अपने साथी की जान बचाई थी। यह भी बताया जा रहा है कि सिद्धार्थ की 23 मार्च को सगाई हुई थी और इसी साल 2 नवंबर को शादी होनी थी। 31 मार्च को रेवाड़ी से छुट्टी पूरी कर जामनगर एयरफोर्स स्टेशन पहुंचे थे।
2016 में एनडीए में हुआ था चयन
शहीद लेफ्टिनेंट सिदार्थ यादव के परिजनों के मुताबिक सिद्वार्थ यादव के दादा व पिता भी आर्मी से ही रिटायर्ड हुए हैं। सिदार्थ ने भी 2016 में एनडीए की परीक्षा पास की थी। इसके बाद तीन साल की ट्रेनिंग के बाद उन्होंने बतौर फाइटर पायलट एयरफोर्स ज्वाइन की थी। पिता वर्तमान में एयरफोर्स से रिटायरमेंट के बाद एलआईसी में नौकरी कर रहे हैं। वहीं 23 मार्च को सगाई के बाद पूरा परिवार बेटे सिदार्थ यादव की शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था, लेकिन दो अप्रैल की रात अनहोनी सूचना आई और परिवार सहित पूरा रेवाड़ी गम में डूब गया।