
चंडीगढ़
पंजाब में भगवंत मान सरकार ने बुधवार को बजट पेश किया। 2.36 लाख करोड़ रुपये के इस बजट में भगवंत मान सरकार ने गांवों में इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधार से लेकर शहरी क्षेत्रों तक के लिए कई घोषणाएं की हैं। लेकिन महिलाओं को 1000 रुपये हर महीने देने वाले वादे पर चुप्पी साध ली। आम आदमी पार्टी ने 2022 के विधानसभा चुनाव में इसका वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के तीन साल बाद भी महिलाओं को इंतजार है। AAP ने वादा किया था कि पंजाब में सरकार बनी तो महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये दिए जाएंगे और यह रकम सीधे उनके अकाउंट में ट्रांसफर होगी। लेकिन इस स्कीम पर सत्ता में आने के बाद से ही भगवंत मान चुप्पी साधे हुए हैं। उम्मीद की जा रही थी कि इस बार कुछ ऐलान होगा, लेकिन बजट में भी इस पर चुप्पी ही बनी रही।
AAP सरकार के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने ऐलान किया कि बजट में किसी नए टैक्स का ऐलान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इस बार के बजट में हम ड्रग्स तस्करी खत्म करने और नशे पर रोक लगाने पर फोकस कर रहे हैं। इसके लिए 'एक युद्ध नशेयां विरुद्ध' कैंपेन शुरू किया जाएगा। एक बड़ी स्कीम का ऐलान करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि अनुसूचित जाति के लोगों के बकाया लोन भी माफ किए जाएंगे। इससे राज्य में कुल 4640 परिवारों को लाभ होगा। इसके अलावा अमृतसर में एक यूनिटी मॉल बनाने का भी प्रस्ताव रखा गया है। इस मॉल के लिए कुल 80 करोड़ रुपये की रकम आवंटित की गई है। इस मॉल में देश के सभी राज्यों पर आधारित थीम पर स्टोर बनाए जाएंगे।
राज्य सरकार ने बताया कि इस साल करीब 25 हजार करोड़ रुपये की रकम बिजली सब्सिडी पर भी खर्च होगी। किसानों के बिजली बिलों में कुल 14,524 करोड़ रुपये की छूट दी जाएगी। इसके अलावा घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 7614 करोड़ का फंड आवंटित हुआ है। वहीं औद्योगिक उपभोक्ताओं को भी 3426 करोड़ की सब्सिडी मिलेगी। बीते साल कुल 21910 करोड़ रुपये की बिजली सब्सिडी सरकार ने दी थी। साफ है कि इस साल बिजली बिल में छूट का बजट 3654 करोड़ रुपये अधिक हो जाएगा। पंजाब की अर्थव्यवस्था को समझने वालों का कहना है कि राज्य सरकार पहले ही बिजली बिलों में छूट और बसों में महिलाओं को मुफ्त सफर की सुविधा देकर दबाव में है। इन स्कीमों पर ही सरकार बड़ा फंड लगा रही है। ऐसे में महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये की रकम देने जैसा वादा भारी पड़ रहा है।